बरसों पहले
मैं उस गाँव को छोड़ आया
वो गाँव, जो मेरे प्यार के गुनहगारों में शामिल है,
भूल चुका है मुझे
मैं कैसे भूल जाऊँ ऐसा गाँव,
जिसने मेरा लड़कपन देखा
वो गाँव...
मेरा पहला-पहला प्यार था
नीरज पु. चौधरी
दमण, 10/04/2025
Pretender... Pretends to be a part-time poet and researcher. He works as an Assistant Professor of English at Government College, Daman.
चिमुकल्याश्या फांदीवरती कुणी थाटले नाजूकसे घर किमया काय म्हणावी त्याची कोण म्हणावा किती कलन्दर तातुर-मातुर कुठले काही चोख विनाई चोख शिल...
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